Akbar Birbal Ke Kisse

2 मज़ेदार किस्से जो आपको हँसी और समझदारी दोनों देंगे!

महेश दत्त शर्मा द्वारा लिखित अकबर-बीरबल के किस्से अब Learnivox पर हिंदी ऑडियोबुक में उपलब्ध। हाजिरजवाबी, बुद्धिमानी और मज़ाक से भरे ये किस्से न सिर्फ़ आपको हँसाएँगे बल्कि जीवन की गहरी सीख भी देंगे।

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Akbar Birbal

क्या आपने कभी ऐसी कहानियाँ सुनी हैं जो सिर्फ़ हँसाती ही नहीं, बल्कि ज़िंदगी के गहरे सबक भी सिखाती हैं? Akbar Birbal Ke Kisse सिर्फ़ मनोरंजन नहीं हैं – यह बुद्धिमत्ता, हाज़िरजवाबी और समझदारी से भरी कहानियों का ख़ज़ाना हैं। ये किस्से आपको हँसी देंगे, चौंकाएँगे और जीवन के छोटे-छोटे सच बड़े सरल तरीक़े से समझाएँगे।

महेश दत्त शर्मा की यह अमर कृति भारतीय लोककथाओं की परंपरा को जीवंत करती है। यहाँ अकबर की शान है और बीरबल की अनोखी बुद्धि। कभी मुश्किल सवालों का हल, कभी चालाकी का तोड़ – हर कहानी एक नयी सीख और मुस्कान लेकर आती है। ये किस्से सिर्फ़ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए हैं जो ज़िंदगी को हल्का-फुल्का और ज्ञान से भरपूर बनाना चाहता है।

"हाज़िरजवाबी ही असली बुद्धिमानी है – क्योंकि वही मुश्किलों को आसान बना देती है।"
- अकबर-बीरबल की कहानियों से प्रेरित

माहेश दत्त शर्मा: हिंदी साहित्य के प्रखर लेखक, जिनकी कलम ने इतिहास और प्रेरणा को नई जिंदगी दी!

Mahesh Dutt Sharma

माहेश दत्त शर्मा

Gandhi Darshan National Award

जन्म और शुरुआती जीवन-लेखन की नींव: माहेश दत्त शर्मा का जन्म भारत में हुआ, जहां से उनकी साहित्यिक यात्रा शुरू हुई। बचपन से ही उन्हें कहानियों और इतिहास में गहरी रुचि थी। परिवार और स्कूली माहौल ने उनकी रचनात्मकता को पंख दिए, और वे धीरे-धीरे शब्दों के जादूगर बनने की राह पर चल पड़े। उनकी जड़ें बुंदेलखंड से जुड़ी हैं, जो उनकी लेखनी में गहरे संस्कार और स्थानीय रंग लिए हुए हैं।

शिक्षा-ज्ञान का आधार: शिक्षा के लिए उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी से हिंदी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। यह दौर उनके लिए न सिर्फ अकादमिक बल्कि साहित्यिक विकास का भी समय था। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने लेखन की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया, जो बाद में उनके करियर की बुनियाद बनी।

साहित्यिक शुरुआत और चुनौतियां-पत्रकारिता से लेखन तक: 1983 में, जब वे हाईस्कूल में पढ़ते थे, तभी से माहेश दत्त शर्मा ने लेखन की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्होंने विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के लिए संवाददाता, संपादक और प्रतिनिधि के रूप में काम किया। यह समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इन्हीं अनुभवों ने उन्हें मजबूत लेखक बनाया। पत्रकारिता ने उन्हें समाज और संस्कृति की गहराई से परिचित कराया, जो बाद में उनकी कहानियों में झलकती है।

प्रमुख रचनाएँ-अकबर-बीरबल की जादुई दुनिया: माहेश दत्त शर्मा की सबसे मशहूर रचना "अकबर बीरबल के किस्से" है, जो बच्चों और बड़ों के लिए समान रूप से मनोरंजक है। इस किताब में बीरबल की चतुराई और अकबर की शाही महफिल की कहानियां हास्य और नैतिकता से भरपूर हैं। 2025 में प्रकाशित यह किताब (प्रभात प्रकाशन) 168 पन्नों में इतिहास को जीवंत करती है। उनकी अन्य रचनाएं भी हिंदी साहित्य में उल्लेखनीय हैं, जिनमें 200 से ज्यादा किताबें शामिल हैं, जो विविध विषयों पर आधारित हैं।

लेखन शैली और विषय: हास्य और ज्ञान का संगम: शर्मा की लेखन शैली में हास्य, चतुराई और शिक्षाप्रद तत्वों का अनोखा मिश्रण है। वे जटिल कहानियों को सरल और रोचक बनाते हैं, ताकि हर उम्र का पाठक जुड़ सके। उनके विषय मुख्य रूप से भारतीय इतिहास, लोककथाएं, और सामाजिक मूल्य हैं, जो पाठकों को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। "अकबर बीरबल के किस्से" में बीरबल की बुद्धिमत्ता और अकबर की जिज्ञासा को उन्होंने इतने आकर्षक तरीके से पेश किया कि हर कहानी एक सबक देती है।

बाद का जीवन और नई योगदान-साहित्य की सेवा: दशकों तक पत्रकारिता और लेखन में सक्रिय रहने के बाद, माहेश दत्त शर्मा ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 3000 से ज्यादा लेख और रचनाएं विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित कीं। उनकी किताबें आज भी स्कूलों और घरों में बच्चों को प्रेरित करती हैं, जबकि वयस्कों को इतिहास के पन्नों में खोने का मौका देती हैं। वे लगातार नई पीढ़ी को पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहित करते रहे।

पुरस्कार और सम्मान-लेखन की शान: शर्मा के योगदान को कई सम्मानों से नवाजा गया। मध्य प्रदेश विधानसभा का गांधी दर्शन पुरस्कार (द्वितीय) और पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी, शिलांग (मेघalaya) का पुरस्कार उनके उल्लेखनीय कार्यों का प्रमाण हैं। इन पुरस्कारों ने उन्हें हिंदी साहित्य में एक सम्मानित नाम बनाया, और उनकी मेहनत को दुनिया ने पहचाना।

हाल की उपलब्धियाँ-विरासत का विस्तार: 2025 तक, उनकी किताब "अकबर बीरबल के किस्से" नई पीढ़ी के बीच लोकप्रियता के शिखर पर है। इसकी सॉफ्टकवर एडिशन (190 ग्राम, 168 पन्ने) ने बच्चों को नैतिकता और हास्य का पाठ पढ़ाया। उनकी रचनाएं आज भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, और लोग उनकी किताबों को पढ़कर इतिहास को जीवंत महसूस करते हैं। उनकी विरासत नई लेखकों के लिए प्रेरणा बन गई है।

मुख्य रचनाएँ: अकबर बीरबल के किस्से (2025) – हास्य और चतुराई का मेल,अन्य पुस्तकें – 200 से ज्यादा, जिनमें कहानियां, निबंध और संपादित कार्य शामिल हैं।


2 मज़ेदार किस्से जो आपको हँसी और समझदारी दोनों देंगे!

हर एपिसोड एक अलग दुनिया है, एक अलग अनुभव है। आइए जानें कि ये कहानियाँ आपके दिल को कैसे छू जाएंगी:

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Green Horse - हरे रंग का घोड़ा

मुख्य विषय: यह एपिसोड अकबर और बीरबल की कहानियों का एक शानदार उदाहरण है, जहाँ असंभव लगने वाली चुनौती को बीरबल ने अपनी बुद्धिमत्ता और हास्य से हल किया। कहानी दिखाती है कि किस तरह तर्क और हाज़िरजवाबी, किसी भी मुश्किल परिस्थिति को मज़ाक में बदल सकती है।

कहानी का सार: एक दिन अकबर अपने बाग़ की हरियाली देखकर बहुत प्रसन्न थे और अचानक उन्होंने बीरबल से कहा कि वह उनके लिए सात दिनों के भीतर एक हरे रंग का घोड़ा लाकर दें। यह आदेश सुनकर दरबारी ख़ुश हो गए, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि इस बार बीरबल बुरी तरह फँस जाएगा। हरे रंग का घोड़ा तो कभी अस्तित्व में ही नहीं था।

पहले छह दिनों तक बीरबल ने कुछ नहीं किया, मानो उन्होंने हार मान ली हो। लेकिन सातवें दिन वह दरबार पहुँचे और अकबर से कहा कि घोड़ा मिल गया है, पर घोड़े के मालिक की दो शर्तें हैं—पहली, अकबर ख़ुद घोड़े को लेने जाएँ और दूसरी, उन्हें घोड़े को लेने के लिए हफ़्ते के सातों दिनों के अलावा किसी और दिन आना होगा। यह उत्तर सुनते ही अकबर ठहाकों से हँस पड़े और बीरबल की बुद्धिमत्ता को मान गए। दरबारी जो बीरबल की हार देखने के लिए उत्साहित थे, वह निराश रह गए।

मुख्य संदेश: असंभव लगने वाली समस्या का भी समाधान हो सकता है, बशर्ते सोच अलग और रचनात्मक हो। हाज़िरजवाबी सिर्फ़ मज़ाक नहीं, बल्कि कठिनाइयों से बाहर निकलने का सबसे प्रभावी साधन है।

भावनात्मक प्रभाव: यह कहानी श्रोताओं को मुस्कुराने के साथ-साथ प्रेरित भी करती है। यह सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, धैर्य और चतुराई से उनका हल संभव है। बीरबल का शांत और हास्यपूर्ण उत्तर हमें यह याद दिलाता है कि कभी-कभी बुद्धिमत्ता ही सबसे बड़ा हथियार है, जो कठिन से कठिन समस्या को हल्का और मज़ेदार बना देती है।

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Who cooked the khichdi? - खिचड़ी किसने पकाई?

मुख्य विषय: यह एपिसोड सिर्फ़ हास्य या हाज़िरजवाबी नहीं, बल्कि न्याय और सच्चाई का गहरा संदेश देता है। बीरबल ने इस कहानी में अकबर को यह सिखाया कि न्याय केवल नियमों से नहीं, बल्कि समझ, सहानुभूति और विवेक से होता है।

कहानी का सार: अकबर ने चुनौती रखी कि जो व्यक्ति ठंडी यमुना नदी में पूरी रात बिताएगा, उसे इनाम मिलेगा। एक गरीब ब्राह्मण ने अपने भूखे बच्चों के लिए यह चुनौती स्वीकार की और एक दीये की लौ को देखकर पूरी रात सह लिया। लेकिन दरबारियों की चाल और अकबर के अहंकार के कारण ब्राह्मण को धोखेबाज़ कहकर इनाम से वंचित कर दिया गया।

बीरबल को यह अन्याय बर्दाश्त नहीं हुआ। उन्होंने अकबर को सबक सिखाने के लिए खिचड़ी पकाने का नाटक किया—आग नीचे थी और हाँडी बहुत ऊँचाई पर टंगी हुई। जब अकबर ने कहा कि इतनी दूर की आग से खिचड़ी नहीं पक सकती, तब बीरबल ने कटाक्ष किया कि अगर दूर से जलते एक दीये की गर्मी से ब्राह्मण ज़िंदा रह सकता है, तो उनकी खिचड़ी क्यों नहीं पक सकती।

यह सुनकर अकबर को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्होंने तुरंत ब्राह्मण से माफी माँगी और उसे दोगुना इनाम देकर सम्मानित किया।

मुख्य संदेश: न्याय केवल नियमों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और निष्पक्षता से होता है। अहंकार इंसान को ग़लत निर्णय लेने पर मजबूर कर देता है। एक सच्चा सलाहकार वही है, जो सही समय पर आपको आपकी ग़लती का एहसास दिला सके।

भावनात्मक प्रभाव: यह कहानी श्रोताओं को गहराई से छूती है। इसमें एक गरीब पिता की मजबूरी, अन्याय का दर्द, और फिर न्याय की जीत को जीवंत तरीके से दिखाया गया है। यह हमें सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी आशा और दृढ़ निश्चय हमें संभाल सकते हैं, और नेताओं को अपने निर्णय लेने में हमेशा इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए।

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कहानियों के मुख्य विषय और संदेश

माहेश दत्त शर्मा की कहानियां केवल मनोरंजन नहीं हैं - ये जीवन के गहरे सवालों के जवाब तलाशती हैं:

अकबर और बीरबल की दोस्ती

इन कहानियों में शहंशाह अकबर और उनके बुद्धिमान मंत्री बीरबल की अनोखी दोस्ती झलकती है। दोनों के बीच आपसी सम्मान और विश्वास हर किस्से को खास बनाता है।

हाज़िरजवाबी का जादू

बीरबल की सबसे बड़ी ताक़त उनकी हाज़िरजवाबी है। मुश्किल हालातों में भी वे अपनी समझदारी और बुद्धि से ऐसा जवाब देते हैं कि सब चौंक जाते हैं।

न्याय और ईमानदारी

कहानियों में बीरबल हमेशा न्याय और सच्चाई का साथ देते हैं। चाहे राजा हो या आम आदमी, वे हर किसी को सही रास्ता दिखाते हैं और निष्पक्ष फ़ैसला सुनाते हैं।

हास्य और मनोरंजन

इन किस्सों में मज़ाक और हँसी का भी तड़का है। बीरबल की चतुराई कई बार राजदरबार में हँसी का माहौल बना देती है और कहानी पाठकों को आनंदित करती है।

कठिन सवालों के आसान जवाब

अकबर अक्सर बीरबल से ऐसे अजीब और कठिन सवाल पूछते हैं जिनका जवाब सोचना भी मुश्किल होता है। लेकिन बीरबल अपनी सूझबूझ से हर पहेली का हल ढूँढ लेते हैं।

सीख और प्रेरणा

हर किस्सा सिर्फ़ मनोरंजन ही नहीं करता, बल्कि जीवन के लिए कोई न कोई सीख भी देता है—जैसे ईमानदारी, चतुराई और न्याय की अहमियत।

"ज़िंदगी में बड़े सपने पूरे करने हैं तो धैर्य और निरंतर मेहनत की “रस्सी” से हर मुश्किल “पत्थर” घिस जाएगा।"
- कहानियों से प्रेरित विचार

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अन्य भाषाओं में भी यह ऑडियोबुक उपलब्ध है?
फिलहाल Learnivox पर यह हिंदी में उपलब्ध है। भविष्य में अन्य भाषाओं में भी इसे लॉन्च करने की योजना है।
क्या यह ऑडियोबुक बिल्कुल मुफ्त है?
Learnivox पे सारी ऑडियोबुक बिलकुल फ्री है, आप बिना किसी परेशानी के सारी ऑडियोबुक सुन सकते हैं।
हिंदी ऑडियोबुक की गुणवत्ता कैसी है?
यह ऑडियोबुक professional ai द्वारा रिकॉर्ड की गई है। हिंदी भाषा में साफ और स्पष्ट उच्चारण के साथ, यह मूल कहानियों के भावों को बरकरार रखती है। ऑडियो क्वालिटी HD है।
क्या यह ऑडियोबुक download करके offline सुन सकते हैं?
हां! Learnivox app में download feature है। आप अपने फोन में episodes download कर सकते हैं और बिना internet के भी सुन सकते हैं। यह traveling के लिए बहुत सुविधाजनक है।
क्या बच्चे इन कहानियों को सुन सकते हैं?
ये कहानियां मुख्यतः वयस्कों के लिए हैं क्योंकि इनमें complex emotions, marital problems हैं। 13+ साल के teenagers इन्हें समझ सकते हैं, छोटे बच्चों के लिए हमने अलग से कैटेगरी बना रखी है जिसमें मज़ेदार स्टोरी है, बेड टाइम स्टोरी और भी बहुत सारी। आप वेबसाइट पे जाएँ और सुनें, एन्जॉय करें।
प्रत्येक कहानी कितनी लंबी है?
हर कहानी 8 - 10 मिनट की है। पूरी collection सुनने में लगभग 1 घंटे लगते हैं।
क्या मैं केवल कुछ चुनिंदा कहानियाँ ही सुन सकता हूँ?
जी हाँ! आप अपनी पसंद के अनुसार किसी भी कहानी को चुन सकते हैं।

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